Jo Mere Dil Ki

Jo Mere Dil Ki 

जो मेरे दिल की मंज़िल तू  

तो बता ना मैं किधर चलूं।  

यहां साहिल का भी किनारा है,  

हाँ मेरा तो दरिया ही सहारा है।  


मेरी राहों का हर मोड़ तेरा पता,  

तेरे बिन मेरी मंज़िल अधूरी सदा।  

तू सूरज है जो रोशनी लाए,  

मैं वो परिंदा जो तेरी तरफ आए।  

तेरे ख्वाबों के शहर में खो जाऊं,  

तेरी यादों के साये में सो जाऊं।  

तू है दिल की धड़कन, तू है साज़,  

तेरे बिना अधूरी मेरी हर आवाज़।  


तो बता ना मैं किधर चलूं,  

जो मेरे दिल की मंज़िल तू।  

Penned by Mysticaanjali 

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