Ro Lene De

Ro Lene De 

रो लेने दे मुझे रो लेने दे, 
जी भर भर के मुझे रो लेने दे।  
तू मुझे ग़म के आँसू न पीने दे,  
जो भी दर्द है, बह जाने दे।  

दबी हुई आहों को आवाज़ मिलने दे,
दिल के वीराने को बरसात होने दे।  
सदियों से थमी हलचल को उठने दे,  
सैलाब बनके मुझे बिखरने दे।  

रो लेने दे मुझे रो लेने दे, 
जी भर भर के मुझे रो लेने दे।  
तू मुझे ग़म के आँसू न पीने दे,  
जो भी दर्द है, बह जाने दे।  

हर अश्क में कोई याद सिमटी है,
हर आह में कोई पुकार दबी है।  
रोक ना मेरी तन्हाई का सफ़र,  
आज ख़ुद को मुझसे मिलने दे।   

तू कहता है हंसना ज़रूरी है,
पर ग़म भी तो जीने की मज़बूरी है।  
हंसते चेहरों के पीछे भी तो दर्द रहता है,  
उसको भी आज ज़रा बोल लेने दे।  

Penned by Mysticaanjali  

"I'm participating in #BlogchatterA2Z" and Blogchatter

Comments

Popular posts from this blog

His Reluctant Princess (Book Review )

Heart To Heart

Caravan to the Cosmos